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एनजीटी की रोक को आरकेटीसी कंपनी ने बताया माजक


एनजीटी के रोक के बाद भी दूधी नदी से हो रहा रेत का अबैध उत्खनन

प्रशासन मूक दर्शक बन रहा है तमाशा


ब्यूरो रिपोर्ट@ सूरज सिंह राजपूत
पिपरिया, बनखेडी तहसील के माल्हनवाडा ग्राम की दूधी नदी से एनजीटी की रोक के बाद आरकेटीसी कंपनी द्वारा खनन जारी है। नदी से रात मे सौ से ज्यादा हाईवा नदी से रेत भरकर जा रहे है। नदी से रेत भरने के लिए हाइवे रोड से दूधी नदी तक लगभग दो किलोमीटर का रास्ता खनिज माफियाओं के द्वारा बनाया गया है। जिसमें लगभग सौ डम्फर बजरा और कुछ बोल्डर रास्ते मे डाला गये है। जिससे रेत भरकर हाईवा आसानी से मेन रोड तक आ सके, यहाँ रात के 9 बजते ही हाईवा डम्फर का मेला भर जाता है। हाईवा की लोडिंग रात 9 बजे शुरू होती हैं जो सुबह 8 बजे तक चलती हैं। डम्फर एवम हाइवा  रोड के किनारे पलिया पिपरिया से लामटा तक लम्बी कतार मे खड़े हुए देखा जा सकता है। दूधी नदी से रेत का उत्खनन कर डंफर भरे जाते है इन्ही डंफरो की रॉयल्टी रसीद स्टाक से काटी जाती है बनखेडी क्षेत्र मे जीवनदायिनी नदी से अवैध उत्खनन चरम पर है। रात 10 बजे से अवैध उत्खनन शुरु हो जाता हैं। डम्फर हाईवा की फोटो जीपीएस लोकेशन के साथ है। जिससे प्रशासन यह न कह सके कि यह हमारे यहां की नहीं है। एवं रेत खनन माफियाओं के द्वारा स्टाक से एक मुठ्ठी रेत भी नहीं उठाई गई है। केवल रायल्टी काटी जा रही है। डम्फर, हाईवा से गिरता पानी चीख-चीख कर बता रहा है। रेत स्टाक की नही है। यह नदी से भरकर आ रही हैं। 

इनका कहना है

आप के द्वारा अबैध रेत के संबंध में दी जानकारी के आधार पर जाँच करबाता हूँ माइनिंग विभाग टीम को बुलाकर जांच की जाएगी यदि एनजीटी के रोक के बाद भी अवैध रेत उत्खनन करते हुए पाए जाते हैं तो निश्चित ही कार्यवाही की जाएगी।

राजीव कहार 
तहसीलदार बनखेड़ी

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