सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद पीएसीएल निवेशकों को नहीं मिला भुगतान,एजेंट हो रहे परेशान
अमरवाड़ा|| पीएसीएल कंपनी संपूर्ण भारत वर्ष में सन 1983 से चल रही थी| जिसको केंद्र सरकार की एजेंसी सेबी द्वारा 22 अगस्त 2014 को प्रतिबंधित कर दिया गया था| जिसका मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होते हुए 2 फरवरी 2016 को माननीय कोर्ट द्वारा रिटायर्ड जज श्री मान आर.एम. लोढ़ा जी की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर सेबी को आदेशित किया था कि पीएसीएल के प्रॉपर्टी को नीलाम कर निवेशकों को उनका धन लौटाया जाए| आदेश होने के 5 वर्ष से अधिक हो जाने के बावजूद अब तक सेबी भुगतान करने में असमर्थ रही है| वही केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार का इस ओर ध्यान नहीं है जबकि पीएसीएल कंपनी की चल अचल संपत्ति देनदारी से 4 गुनी है साथ ही संपूर्ण भारतवर्ष मे 6 करोड़ व मध्यप्रदेश में 47 लाख निवेशक इससे प्रभावित हैं| ऐसी स्थिति में भुगतान में हो रहे विलंब के कारण निवेशकों के द्वारा आए दिन एजेंटों को परेशान किया जाता है| मानसिक प्रताड़ना के चलते अनेकों एजेंटों ने आत्महत्या जैसे प्रयास कर लिए|उसी क्रम में एआईएसओ संगठन कि मध्यप्रदेश टीम द्वारा गुरुवार को माननीय गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा जी से सौजन्य भेंट कर पीएसीएल निवेशकों के भुगतान में तेजी लाने तथा अभीकर्ताओं को सुरक्षा प्रदान की जाने संबंधित चर्चा की गई| जिसमें मुख्य रूप से श्री लालमणि पांडे, श्याम कुमार सोनी, मुकेश बंदेवार, शांतिलाल धाकड़, अरुण चौकसे, बब्बन पालेकर, शिवनंदन साहू, बृजेश शुक्ला, ओपी सिंह , सी.पी मिश्रा ,सुमेरचंद चंद्रवंशी, विनीता शुक्ला, सहित अन्य उपस्थित रहे|

कोई टिप्पणी नहीं