दो घंटे से तड़पती रही आदिवासी गर्भवती महिला, रास्ता अवरूद्ध होने के कारण नही पहुँच सकी 108
पायलट सोरव जादौन कि निजी नंबर पर कॉल कर पहुची जननी वाहन
वीरपुर। जिले की तहसील बीरपुर के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ केंद्र रघुनाथपुर मे गुरूवार की दोपहर 1 बजे खाडी 2 गाँव की रहने बाली आदिवासी गर्भवती महिला दर्द से करहा रही थी प्राथमिक स्वास्थ केंद्र पर पूर्ण व्यवस्था न होने के कारण स्टाफ नर्स पूनम ने बताया कि मैने टोल फ्री नंबर 108 पर फोन लगाया था लेकिन वहाँ से हमे बताया गया कि गाड़ी अभी खाली नही है वही आदिवासी महिला के पति श्रीपाल ने बताया कि मुझे दो घंटे हो गए मेरी पत्नी की हालत बहुत खराब है मेरे पास दूसरी गाड़ी करने के लिए पैसे नही थे। 108 गाड़िया बिजी है चारो तरफ वारिश हो रही है सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी थी मेने स्टाफ पूनम से मदद की गुहार लगाई तव जाकर सिस्टर ने अपने निजी नंबर से जननी वाहन के पायलट सौरभ जादौन को फोन किया जैसे ही सौरभ जादौन को सूचना मिली तो तुरंत सौरभ जादौन ने 108 पर कॉल कर आई डी की बोला और बताया कि रघुनाथपुर पीएचसी मे गर्भवती महिला कि हालत बहुत खराब है तो मुझे उसकी आई डी प्राप्त हुई। तत्काल पायलट ने जननी वाहन के मालिक शैलेंद्र सिंह चौहान को बताया कि रघुनाथपुर पीएचसी मे गर्भवती महिला कि हालत बहुत खराब है जगह जगह सड़क भी उखड़ गई है गाड़ी मे खराबी भी आ सकती है तो गाड़ी मालिक ने भी मानवता की मिसाल पेस की और कहा आप महिला की जान बचाइये। जो गाड़ी मे होगा मे देख लूँगा ।वीरपुर मुख्यालय से करीब 30 किलो मीटर का सफर तय कर पायलट सौरभ ने रघुनाथपुर पीएचसी मे भर्ती गर्भवती महिला को सबलगढ़ सीएचसी मे भर्ती कराया गया। जहा पर डॉक्टरों ने बताया कि महिला मे खून की कमी होने के कारण महिला को जिला अस्पताल भेज दिया गया।
स्टाफ नर्स एवं महिला के परिवार के लोगो ने पायलट को धन्यवाद दिया।
इनका कहना है
जैसे ही मुझे रघुनाथपुर पीएचसी स्टाफ नर्स ने फोन पर जानकारी दी गई थी पानी के कारण सड़क खराब हो गई वाहन निकल नही पा रहे थे जिस कारण 108 वाहन नही पहुँच सका । गर्भवती महिला कि हालत बहुत खराब होती जा रही थी मुश्किल भरे सफर मे वहाँ पहुँचा और महिला को जिला अस्पताल मे भर्ती कराया गया है।
सौरभ जादौन पायलट जननी वाहन वीरपुर

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