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म.प्र.पटवारी संघ के अनिश्चित आंदोलन से प्रदेश के शासकीय कार्य हुए अवरोधित


बडनगर- मध्य प्रदेश पटवारी संघ द्वारा  पिछले 15 वर्षों से लंबित मांगों के लिये की जा रही अनिश्चित हड़ताल की कड़ी में आज दिनांक को बड़नगर तहसील की पटवारी ईकाई द्वारा कोठी कार्यालय पर लंबित मांगों के संबंध में लगातार 10वे दिन भी धरना आंदोलन एवं बैठक की गई । जिसकी वजह से किसानों एवं शासन-प्रशासन के काम ठप हो गए हैं ज्ञात हो कि पटवारी द्वारा अपने स्व कार्य के अलावा भी 56 विभागों के कार्य किए जाते हैं जो इनकी हड़ताल की वजह से रुके हुए हैं। वर्तमान महत्वपूर्ण कार्य फसल बीमा भी नहीं हो पा रहा है शासन-प्रशासन की महत्वपूर्ण योजनाएं भी लागू नहीं हो पा रही हैं ।लगातार पिछले कई वर्षों से शासन द्वारा इनकी जायज़ मांग के नाम पर सिर्फ इन्हें आश्वासन देकर मनाया जाता रहा है ,बार-बार आश्वासन से त्रस्त होकर इस बार पटवारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है तथा अपनी मांग पूरी न होने तक हड़ताल समाप्त न करने का निर्णय लिया है हड़ताल जाने से पूर्व _म. प्र. पटवारी संघ_ द्वारा शासन को बार बार सूचित किया गया ,ज्ञापन दिया गया  परंतु उनकी बात नहीं सुनी गई इससे व्यथित होकर मजबूरी में पटवारी संघ को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा । पटवारी हर विपरीत परिस्थितियों में भी कड़ी मेहनत से कार्य कर आम जनता को लाभ पहुंचाता है एवं जनसेवा करता है पर उनकी सुविधा एवं लंबित जायज़ मांगों को सुनने वाला कोई नहीं है , उनकी यह मांग संवैधानिक होकर परिवार के उचित लालन-पालन के लिए आवश्यक है तथा यह उनका संवैधानिक अधिकार है ।
 इस बैठक में उज्जैन पटवारी संघ जिला अध्यक्ष यादव जी एवं जिला कार्यकारिणी पदाधिकारी गण के अलावा बड़नगर पटवारी संघ के अध्यक्ष राहुल आंजना जी उनकी कार्यकारिणी के साथ समस्त बड़नगर के पटवारी साथीगण उपस्थित थे। जिसमें महिला शक्तियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया जिन्होंने अपनी मांग के समर्थन में प्रदर्शन किया पटवारियों की प्रमुख मांग में ...
 2800 ग्रे पेड* , *जिला *मुख्यालय पर ट्रांसफर ,सीपीसिटी परीक्षा की अनिवार्यता खत्म करने या शिथिलता* की बात को लेकर उक्त मांग की गई । यह सुचना बड़नगर पटवारी संघ के मीडिया प्रभारी रतन गोयल ने दी।

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