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BJP की बैठक में सत्ता पर हावी दिखा संगठन, पार्टी तैयार करेगी मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड, बदले जाएंगे नॉन परफॉर्मिंग माननीय!


शुक्रवार को भोपाल में बीजेपी (MP BJP) की एक बड़ी बैठक आयोजित की गई. बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश (Shiv Prakash) के बयानों से साफ था कि आने वाले दिनों में बीजेपी संगठन सरकार पर हावी रहने वाला है. इसके साथ यह भी कहा जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व की तर्ज पर अब संगठन मंत्रियों के कार्यों का लेखा जोखा तैयार करेगा. जिसके आधार पर कैबिनेट के चेहरों में बदलाव (MP Cabinet Reshuffle) किया जाएगा. बैठक में सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh) , प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा, मंत्रियों समेत तमाम पार्टी पदाधिकारी मौजूद थे.

इस बैठक में सत्ता आधारित संगठन के विषय पर शिवप्रकाश ने दो टूक कहा कि ऐसी व्यवस्था संगठनों के लिए हमेशा हानिकारक होती है. अगर संगठन सत्ता पर निर्भर या आश्रित रहे तो उसका पतन निश्चित है. कांग्रेस समेत दूसरे दलों का उदाहरण देते हुए शिवप्रकाश ने कहा कि संगठन को अपना रास्ता खुद तय करना होगा और इसके लिए सरकार पर निर्भरता नहीं होनी चाहिए.

मंत्रियों से प्रभार के जिलों में जाने और कार्यप्रणाली पर भी हुई चर्चा

राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश के आज उद्बोधन में ये साफ नज़र आ रहा था कि आने वाले दिनों में बीजेपी संगठन सरकार पर हावी रहने वाला है. हालांकि जानकार इसे समन्वय का नाम दे रहे हैं लेकिन सरकार के मंत्रियों का लेखा जोखा अब पार्टी के हाथ में है. केंद्रीय नेतृत्व की तर्ज पर अब संगठन मंत्रियों के कार्यों का लेखा जोखा तैयार करेगा. बैठक में मंत्रियों से प्रभार के जिलों में जाने से लेकर उनकी कार्यप्रणाली तक पर चर्चा की गई.

हर महीने 2 दिन प्रवास पर रहने पर मंत्रियों ने जताई आपत्ति

बैठक में तय किया गया है कि हर मंत्री प्रभार के ज़िलों में हर महीने 2 दिन प्रवास ज़रूर करेगा और इस दौरान वो रात्रि विश्राम प्रभार के ज़िले में ही करेगा. हालांकि इस पर कई मंत्रियों ने आपत्ति भी जताई है. कुछ मंत्रियों का तर्क था कि उनके पास प्रभार में 2 ज़िलें हैं, ऐसे में महीने में 4 दिन वो प्रभार के ज़िले में रहेंगे. मुख्यमंत्री ने सोमवार औऱ मंगलवार को राजधानी में रहने के निर्देश दिए हैं. लिहाज़ा महीने में 8 दिन मंत्री भोपाल में रहेंगे. इसके अलावा 8 दिन शनिवार-रविवार की छुट्टियां, शासकीय छुट्टियां, विभागीय दौरे, विभागीय बैठकें ये सब मिलाकर वो क्षेत्र के लिए समय नहीं निकाल सकेंगे. आगामी 2023 में प्रदेश में चुनाव हैं, ऐसे में मंत्री को अपने क्षेत्र में समय देना भी ज़रूरी है.

परफॉरमेंस के आधार पर तैयार होगा रिपोर्ट कार्ड

हालांकि इन सभी तर्कों के बावजूद संगठन सरकार के काम काज को लेकर काफी गंभीरता बरत रहा है. परफॉरमेंस के आधार पर आने वाले दिनों में मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा. सूत्रों की मानें तो केंद्र की तर्ज पर आने वाले कुछ महीनों में कैबिनेट रिशफलिंग होने वाली है. और इसी रिपोर्ट कार्ड के आधार पर संगठन, हाईकमान और सीएम मिलकर कैबिनेट के चेहरों में बदलाव करेंगे.

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