गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरु को इस तरह करें नमन : रानी सेन
आदि गुरु सह वेदों के रचयिता महर्षि वेद-व्यास का अवतरण आषाढ़ पूर्णिमा के दिन ही हुआ था। उन्होंने सभी पुराणों की भी रचना की है। इसलिए इस पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रुप में मनाते हैं। इस दिन सभी अपने-अपने गुरु की पूजा की जाती है। इस साल आषाढ़ पूर्णिमा या गुरु पूर्णिमा 24 जुलाई शनिवार को है।
न्यूज़ केसरी की संपादक रानी सेन ने भी गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर अपने गुरु को श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर छोला रोड पर माला पहनाकर एवं तिलक लगाकर अपने गुरु को सम्मान दिया।
इस दिन आप भी अपने गुरु को दें सम्मान और शेयर करें ये मैसेज।

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